बच्चों को देष के निर्माता माना जाता है। बालक देश के भावी कर्णधार हैं। उनके चरित्र बल पर ही देश कि प्रतिष्ठा एवं विकास आधारित है। अतः नैतिकता, राष्ट्रभक्ति आदि मूल्यों की शिक्षा और जीवन के आध्यात्मिक दृष्टिकोण का विकास करने हेतु विद्या भारती ने यह पाठ्यक्रम बनाया है।
इस बात को मध्यनजर रखकर विद्या भारती ने पाठ्यक्रम में नैतिक शिक्षा को षामिल किया है ताकि छात्रों को नैतिक शिक्षा के साथ-साथ देष भक्ति की शिक्षा भी दी जा सके। विद्या भारती का मौलिक उद्देष्य छात्रों के चरित्र और व्यापक दृष्टिकोण का विकास करना है। यह समस्त शिक्षा प्रक्रिया का आधार विषय है। भारतीय संस्कृति, धर्म एवं जीवनादर्शों के अनुरूप बालकों के चरित्र का निर्माण करना विद्या भारती की शिक्षा प्रणाली का मुख्य लक्ष्य है।





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